यौन-स्वास्थ्य

कॉन्डोम के उपयोग कैसे करें? जानिए इसके सुरक्षित तरीके

कॉन्डोम के उपयोग कैसे करें जानिए इसके सुरक्षित तरीके
”कॉन्डोम और सेक्स, दोनों एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं” यह कहना अब गलत नहीं माना जा सकता है। दरअसल, कॉन्डोम का जिक्र होते ही सेक्स का ख्याल आता है और सेक्स की बात करते हैं, तो कॉन्डोम का उपयोग कैसे करें यह जानना बहुत जरूरी होता है।
 
सेक्स के दौरान कॉन्डोम का उपयोग कैसे करें, इसका ध्यान रखना इसलिए भी बहुत जरूरी है कि यह अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रखता है। साथ ही, कॉन्डोम का उपयोग करने से यौन जनित रोगों से भी सुरक्षित रहा जा सकता है। हालांकि, सेक्स के दौरान कॉन्डोम का उपयोग पूरी तरह से तभी सुरक्षित हो सकता है, जब कॉन्डोम का सही इस्तेमाल किया जाए। अगर कॉन्डोम के इस्तेमाल में जरा भी चूक की जाए, तो यह कई समस्याओं का कारण भी बन सकता है।
 

कंडोम क्या होता हैं?

  • कंडोम एक रबड़ का खोल होता है, जिसे शुक्राणुओं को महिला के गर्भाशय में प्रवेश करने से रोकने के लिए तनावयुक्‍त लिंग पर लगाया जाता है। अधिकतर कंडोम लेटेक्‍स के बने होते हैं।
  • इसे संभोग से पहले तनावयुक्‍त लिंग पर लगाया जाना चाहिए। यह एक अवरोधक के रूप में काम करता है, जो वीर्य को योनि में जाने से रोकता है, और इस प्रकार गर्भधारण को रोकता है।
  • यदि इसे ठीक प्रकार से इस्‍तेमाल किया जाए, तो यह गर्भधारण को 85% से 98% तक रोक सकता है।
  • इसे अकेले इस्‍तेमाल किया जा सकता है अथवा अन्‍य गर्भनिरोधक विधियों जैसे गर्भनिरोधक गोली, गर्भनिरोधक इंजेक्शन अथवा इंट्रायूट्रिन डिवाइस के साथ इस्‍तेमाल किया जा सकता है, ताकि अपेक्षाकृत अधिक गर्भनिरोधक प्रभाव प्राप्‍त किया जा सके।
  • जिन लोगों को लेटेक्‍स से एलर्जी है, वे पॉ‍लीयुरथेन से बने कंडोम का प्रयोग कर सकते हैं।  

 

कॉन्डोम उपयोग करने के फायदे

  • गर्भावस्था के जोखिम को रोकने और यौन संचारित रोगों के जोखिम को कम करने के लिए कॉन्डोम का उपयोग करना सबसे बेस्ट होता है।
  • कॉन्डोम का उपयोग करना बहुत ही आसान होता है।
  • कॉन्डोम का उपयोग करने के कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होते हैं।
  • कॉन्डोम का उपयोग पुरुष और महिला दोनों ही कर सकते हैं।


कॉन्डोम का उपयोग करते समय इन बातों का रखें ख्याल?

  • अगर कॉन्डोम पहनते या पैक खोलते समय फट जाए, तो उस कॉन्डोम का इस्तेमाल न करें।
  • सेक्स की क्रिया पूरी होने के तुरंत बाद कॉन्डोम लिंग से बाहर निकाल देना चाहिए।
  • कभी भी बिना तनाव वाले लिंग पर इसका इस्तेमाल न करें।
  • एक बार इस्तेमाल किए गए इसका इस्तेमाल दोबारा न करें।
  • एक बार में सिर्फ एक ही इसका इस्तेमाल करें।

 

पुरुष कण्डोम पहनने के सुझाव

अपने मुख से पहनाएँ

कण्डोम को मुख में रखें, उसके निप्पल जैसे सिरे को अपने दातों के बीच रखकर हल्के से चूसें, कण्डोम को लिंग के सिरे पर रखकर लिंग को मुख में डालें और कण्डोम को नीचे की ओर खोलें। कण्डोम को जीभ से चाटते हुए नीचे की ओर खोलने की कोशिश करें।
यदि आप साथी के साथ ऐसा करने से पहले थोड़ा अभ्यास करना चाहें तो किसी डिल्डो या खीरे जैसी चीज़ पर अभ्यास कर सकते हैं। यदि कोई पुरुष यह कहें की उन्हें कण्डोम पहनना अजीब लगता है तो उनके साथ यह तकनीक प्रयोग की जा सकती है।

उन्हें हरी बत्ती दिखाएं

कण्डोम के पैकेट को खोलने को सेक्स के लिए हरी बत्ती की तरह सोचें। एक कण्डोम के पैकेट को आत्मविश्वास के साथ खोलना अपने साथी को यह बताने का सेक्सी तरीका है की आप प्रवेशित सेक्स के लिए तैयार हैं। यदि साथी कण्डोम इस्तेमाल करने के लिए उत्सुक न हों तो कण्डोम पर जो़र देने के लिए यह एक अच्छा तरीका हो सकता है। कण्डोम के भीतरी सिरे पर थोड़ा चिकनाई युक्त जल आधारित पदार्थ का उपयोग करने से वह आसानी से लिंग पर सरक सकता है – ज़्यादा पदार्थ का उपयोग न करें वरना कण्डोम फिसल कर निकल सकता है।
 

उन्हें छेड़ें या सताएँ

लिंग, गुदाद्वार या अंडकोष को हल्के से पकड़ते हुए कण्डोम को धीरे धीरे लिंग पर चढ़ाएँ। कुछ बदलाव के लिए, साथी को स्वयं कण्डोम पहनने के लिए कहें जिससे वे यह दिखा सकें की उन्हें कैसे छुआ जाना पसंद है। उन्हें यह महसूस होने दें की इससे आपकी उत्तेजना बढ़ती है।
 

त्वचा से त्वचा के संपर्क जैसे एहसास के लिए पतले कण्डोम का प्रयोग करें

गुदा मैथुन करते समय भी पतले कण्डोम अपेक्षाकृत मोटे कण्डोम की तुलना में जल्दी नहीं फटते हैं। अतः ज़्यादा नज़्दीकी एहसास के लिए अगली बार पतले कण्डोम का प्रयोग कर के देखें। यदि आप और आपके साथी सेक्स के समय ज़्यादा नजदीकी पसंद करते हैं तो यह एक अच्छा तरीका है।
 
 

महिला कण्डोम कैसे पहने

महिला कण्डोम सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं होते हैं। जि़म्बाव्वे में, लिंग के महिला कण्डोम के भीतरी घेरे को छूने पर होने वाले सुहावने एवं गुदगुदे एहसास को पुरुष ’टेकेनयेन्जा़‘ कहते हैं।
 
कंडोम पहनने के बाद कई भारतीय महिलाओं को उनका पहला ओर्गास्म (चरमआनंद) हुआ।
 
1. अंदर कि रिंग को दबाइये (छोटी वाली), ताकि उनके कोने एक दूसरे को छू सके।
 
2. अंदर कि रिंग को धकेलिए जहाँ तक वो जा सके और बड़ी रिंग को बाहर कि तरफ रखिये।
 
3. अपने साथी एक लिंग को बाहरी रिंग कि तरफ घुसने में मदद करिये।
 
4. सेक्स समाप्ति के बाद, कंडोम को तीन बार मरोड़िए, और बाहर कि तरफ खीच कर निकालिये।
 

कॉन्डम के नुकसान

संभोग करते समय इसे प्रत्‍येक बार ठीक प्रकार से प्रयोग किया जाना चाहिए; अन्‍यथा गर्भनिरोधक प्रभाव कम हो जाएगा।
कंडोम में इस्‍तेमाल किए जाने वाले लूब्रिकेंट से खुजली हो सकती है।
यह उंगलियों के नाखूनों, अंगूठी और नुकीली चीज़ों से आसानी से फट सकता है।
 


कंडोम का सही ढंग से प्रयोग करना

चरण 1

प्रत्‍येक बार संभोग करते समय नया और अच्‍छी गुणवत्‍ता वाले कंडोम का इस्‍तेमाल करें।
 

चरण 2

कंडोम को इस्‍तेमाल करने से पहले इसकी समाप्ति तिथि (एक्‍सपायरी डेट) और इसका पैकेज कहीं से कटा-फटा न हो, की जांच कर लें।
 

चरण 3

कंडोम को इसके पैकेट से निकालें। कंडोम को पैकेट से निकालने के लिए कैंची का इस्‍तेमाल न करें और ध्‍यान रहे कि पैकेट से निकालते समय यह फटे नहीं।
 

चरण 4

गुप्‍तांगों के किसी भी प्रकार के परस्‍पर संपर्क से पहले कंडोम पहन लेना चाहिए।
 

चरण 5

हवा बाहर निकालने के लिए कंडोम के छोर को सावधानीपूर्वक पकड़ें। ऐसा करने से स्‍खलन पश्‍चात् वीर्य के एकत्र होने के लिए जगह बन जाएगी।
 

चरण 6

तनावयुक्‍त लिंग पर एक हाथ की मदद से कंडोम लगाएं। दूसरे हाथ से तनावयुक्‍त लिंग के आधार तक कंडोम को खोल दें।
 

चरण 7

केवल जल-आधारित लूब्रिकेंट का ही इस्‍तेमाल करें जैसे के. वाई. जैली। तेल-आधारित लूब्रिकेंट जेसे बेबी ऑयल, वैसलीन से कंडोम फट सकता है।
 

चरण 8

स्‍खलन के बाद और लिंग के मुलायम होने से पहले कंडोम के रिम को पकड़ें और इसे सावधानीपूर्वक निकाल लें। कंडोम को निकालते समय इसके रिम को पकड़े रखें और ध्‍यान रहे कि इससे वीर्य बाहर न निकलें।
 

चरण 9

प्रयोग किए जा चुके कंडोम का उचित प्रकार से निपटान करें।
 

चरण 10

संभोग के दौरान यदि कंडोम फट जाता है अथवा फिसल जाता है, तो आपको आपातकालीन गर्भनिरोधक (सहवास उपरांत गर्भनिरोधक) के लिए जितनी जल्दी हो सके चिकित्‍सीय सहायता लेनी चाहिए।
 


निष्कर्ष

कॉन्डोम अनचाही गर्भवस्था को रोकने के सबसे प्रभावशाली उपाय होते हैं। इसके साथ ही उन्हें यौन संचारित बीमारियों से बचाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। कॉन्डोम के साथ कई प्रकार के बर्थ कंट्रोल विकल्पों जैसे हॉर्मोनल बर्थ कंट्रोल या स्पर्मीसाइड के साथ गर्भावस्था और यौन संचारित संक्रमण से दो गुनी सुरक्षा मिलती है।
 
इस बात की संतुष्टि होना कि आप पूरी तरह से सुरक्षित हैं, संभोग को और भी आनंदमय बनाती है। जब आपको पता होता है कि आप या आपके पार्टनर को गर्भधारण या यौन संचारित संक्रमण नहीं हो सकता है, तो आप दोनों ही सेक्स एन्जॉयमेंट के साथ करते हैं और रिलैक्स महसूस कर पाते हैं।
 
अगर कॉन्डोम का इस्तेमाल करने के दौरान या बाद में लिंग में किसी तरह की जलन या खुजली महसूस हो, तो सेक्स तुरंत रोक दें। पीनस से कॉन्डोम बाहर निकालें और साफ पानी से पीनस को साफ करें। अगर इसके बाद भी समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

One Comment

  1. Pingback: एचआईवी की अवधि कितनी है और इसके लक्षण क्या हैं? - vkhealth

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button