हेल्थ

सर्दियों के मौसम में ऐसे रखें सेहत का ख्याल

सर्दियों में रखें सेहत का ख्याल
सर्दियां खाने पीने के लिहाज से बहुत ही अच्छी होती है। इस मौसम में खाना खाया भी जाता है, और आसानी से पच भी जाता है। पर डायबिटीज़ ऐसी आस्टियोपोरोसिस दिल की बीमारी और अवसाद ग्रस्त लोगों को इस मौसम में अपना खास ध्यान रखना होता है ताकि वे भी सर्दियों का आनंद उठा सकें। सर्दियां स्वास्थ की दृष्टि से अच्छी मानी जाती है। पर गिरता तापमान वायरस की संख्या को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए ध्यान रखना भी जरूरी है। 

शीत ऋतु में के लिए जरूरी सावधानियां

1. सर्दियों में जठराग्नि प्रबल रहती हैं। इसलिए इन दिनों पौष्टिक व बलवर्धक आहार लेना चाहिए। 
2. सर्दियों में खट्टा, खारा व मीठा प्रधान आहार लेना चाहिए। 
3. गर्म प्रकृति के आहार सर्दियों में लेना बेहतर होता है। ठंडी प्रकृति के आहार नुकसान पहुंचाते हैं।
4.  कड़वे, कसैले, तीखे ,खाद्य पदार्थ न लें। 
5. दूध, ताजा दही, मक्खन, अंगूर, खजूर, नारियल, सूखे मेवे जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ इस ऋतु में लाभप्रद होते हैं। सर्दियों में उपवास कम करना चाहिए। 
6. प्रतिदिन मालिश, व्यायाम और आठ बजे के बाद सैर करने से शरीर तंदुरुस्त होता है। 
7. स्नान गुनगुने पानी से करना बेहतर होता है। शरीर को उचित गर्म वस्त्रों से गर्म रखें। रात्रि में अपना सैन्य कक्ष भी गर्म रखें। पैरों में उचित गर्म मोजे पहन कर रखें। 
8. प्रात:काल की धूप शरीर को लाभ पहुंचाती है। 
9. स्कूटर आटो से अधिक दूर तक न जाएं। बंद वाहन का आवागमन के लिए प्रयोग करें जैसे कार, बस, रेल आदि। 
10. ठंडी हवा के संपर्क से स्वयं को बचाकर रखें। अगर फर्श पर बैठना पड़े तो चटाई, कालीन, कंबल, बिछा कर बैठें। 
11.सर्दी जुकाम खांसी होने पर चुटकी भर हल्दी वाला दूध पिएं। इसके अतिरिक्त ताजे भुने हुए, एक मुट्ठी चने हल्दी और नमक मिलाकर खाएं। इसके बाद पानी न पिएं। 
12. खट्टी चीजों से परहेज करें। खाने के बाद हल्दी नमक वाली भुनी अजवायन को मुख वास के रूप में थोड़ी मात्रा में खाएं। अजवायन की पोटली से छाती पर सिकाई करने से खांसी में लाभ मिलता है। रोगी बलगम पिघलकर बाहर निकलती है। 
13.त्वचा खुश्क होने पर मॉइस्चराइज़र का प्रयोग चेहरे, हाथों, पैरों पर करें। 
14. होठों पर रात्रि में मलाई की हल्की मालिश करें। 
15. पैरों को सप्ताह में एक बार गरम पानी में थोड़ी देर के लिए रखें। 

डायबिटीज के रोगी रखें ध्यान

सर्दियों में डायबिटीज के रोगियों का पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। ठीक से न पचने के कारण कब्ज गैस की समस्या और कमजोरी बढ़ जाती है। सर्दियों में शरीर ग्लूकोज को पचाने में सक्षम नहीं होता। ऐसे रोगियों को प्रोटीन का सेवन थोड़ा बढ़ा लेना चाहिए, ताकि शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहे। अगर ध्यान न रखा जाए। तो कमजोरी बढ़ने से रोगी बार बार बीमार होने लगता है। 
सर्दियों में डायबिटीज के रोगियों को दालें व सूखे मेवे नियमित खाने चाहिए। प्रोटीन युक्त आहार को बचाने के लिए सैर अवश्य करें, ताकि जोड़ों के दर्द से भी बच सकें। धूप में अवश्य बैठें ताकि विटामिन डी शरीर को मिल सके।
 

दिल से संबंधित रोगी भी रखें ध्यान

सर्दियों में रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। जिसका प्रभाव हृदय को खून पहुंचाने वाली धमनियों पर भी पड़ता है। हृदय को रक्त की सप्लाई की रफ्तार धीमी पड़ जाती है जिससे हृदय रोगियों को हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। हृदय रोगियों को उचित गर्म कपड़े पहनने चाहिए। कानों को भी ढककर रखना चाहिए। हाथ पैरों को ढककर रखना चाहिए। 
प्रातः और देर शाम बाहर जाने से बचना चाहिए। शरीर को गर्म रखने के लिए सब्जियों का गर्म सूप पिएं। अपने बिस्तर को गर्म पानी की बोतल रखकर गर्म रखें। बीपी की नियमित जांच कराते रहें। 

आस्टियोपोरोसिस के रोगी भी रखें ध्यान

आस्टियोपोरोसिस के रोगियों की हड्डियां कमजोर होती हैं, और हड्डियों के बीच घनत्व भी कम हो जाता है। ऐसे में ठंड के दिनों में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है, और झटका लगने से या चोट लगने से हड्डियां टूटने का खतरा बना रहता है। आस्टियोपोरोसिस के रोगियों की अधिकतर कलाई, रीढ़, कुल्हे, घुटनों की हड्डियां टूट जाती हैं। 
सर्दियों में ऐसे रोगियों को धूप में अधिक देर तक बैठना चाहिए। ज्यादा झुकने वाले भार उठाने वाले कामों से बचना चाहिए। कैल्सियम युक्त आहार का नियमित सेवन करें। जंक फूड और कार्बोहाइड्रेट ड्रिंक्स का सेवन ना करें। बादाम पिस्ता जैसे मेवे खाकर हड्डियों को मजबूत रख सकते हैं। ओमेगा थ्री फैटी ऐसिड के लिए अखरोट का सेवन भी करें। 
विटामिन डी के लिए सूरज की धूप जरूरी है। सर्दी में धूप का लाभ उठाएं पर विटामिन डी की कमी की पूर्ति करें। हड्डियों की मजबूती निर्माण और घनत्व के लिए व्यायाम का अहम रोल है। व्यायाम नियमित करें। पैदल चल कर, जॉगिंग, वेटलिफ्टिंग, योगा आदि से अपनी हड्डियों को दुरुस्त रखें। 
 
आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button