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अश्‍वगंधा का परिचय (Introduction of Ashwagandha)

आपने कई बार अश्वगंधा का नाम सुना होगा। अखबारों या टीवी में अश्वगंधा के विज्ञापन आदि भी देखे होंगे। आप सोचते होंगे कि अश्वगंधा क्या है या अश्वगंधा के गुण क्या है? दरअसल अश्वगंधा एक जड़ी-बूटी है। अश्वगंधा का प्रयोग कई रोगों में किया जाता है। क्‍या आप जानते हैं कि मोटापा घटाने, बल और वीर्य विकार को ठीक करने के लिए अश्वगंधा का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा अश्वगंधा के फायदे और भी हैं। अश्वगंधा के अनगिनत फायदों के अलावा अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से अश्वगंधा के नुकसान से सेहत के लिए असुविधा उत्पन्न हो सकता है।

अश्‍वगंधा के कुछ खास औषधीय गुणों के कारण यह बहुत तेजी से प्रचलित हुआ है। आइए आपको बताते हैं आप अश्वगंधा का प्रयोग किन-किन बीमारियों में और कैसे कर सकते हैंः-

अश्‍वगंधा क्या है? (What is Ashwagandha?)

अलग-अलग देशों में अश्‍वगंधा कई प्रकार की होती है, लेकिन असली अश्वगंधा की पहचान करने के लिए इसके पौधों को मसलने पर घोड़े के पेशाब जैसी गंध आती है। अश्वगंधा की ताजी जड़ में यह गंध अधिक तेज होती है। वन में पाए जाने वाले पौधों की तुलना में खेती के माध्‍यम से उगाए जाने वाले अश्‍वगंधा की गुणवत्‍ता अच्‍छी होती है। तेल निकालने के लिए वनों में पाया जाने वाला अश्‍वगंधा का पौधा ही अच्‍छा माना जाता है। इसके दो प्रकार हैं-

छोटी असगंध (अश्वगंधा)

इसकी झाड़ी छोटी होने से यह छोटी असगंध कहलाती है, लेकिन इसकी जड़ बड़ी होती है। राजस्‍थान के नागौर में यह बहुत अधिक पाई जाती है और वहां के जलवायु के प्रभाव से यह विशेष प्रभावशाली होती है। इसीलिए इसको नागौरी असगंध भी कहते हैं।

बड़ी या देशी असगंध (अश्वगंधा)

इसकी झाड़ी बड़ी होती है, लेकिन जड़ें छोटी और पतली होती हैं। यह बाग-बगीचों, खेतों और पहाड़ी स्थानों में सामान्य रूप में पाई जाती है। असगंध में कब्‍ज गुणों की प्रधानता होने से और उसकी गंध कुछ घोड़े के पेशाब जैसी होने से संस्कृत में इसकी बाजी या घोड़े से संबंधित नाम रखे गए हैं।  

बाहरी आकृति

बाजार में अश्‍वगंधा की दो प्रजातियां मिलती हैंः-

पहली मूल अश्‍वगंधा Withania somnifera (Linn.) Dunal, जो 0.3-2 मीटर ऊंचा, सीधा, धूसर रंग का घनरोमश तना वाला होता है।

दूसरी काकनज Withania coagulans (Stocks) Duanl, जो लगभग 1.2 मीटर तक ऊंचा, झाड़ीदार तना वाला होता है।

अश्वगंधा के फायदे – Benefits of Ashwagandha in Hindi

 

दोस्तो जैसे की हमने अब तक आपको अश्वगंधा की पहचान, और यह कितने प्रकार का होता है यह बताया है। अब जरा हम बात करेंगे कि यह किस बीमारी या अवस्था में सबसे अधिक लाभदायक है। हमारा यह दावा है कि अगर आप इस लेख को अंत तक पढ़ेंगे तो आप अपने आपको इसके सेवन करने से रोक नहीं पाएंगे। लेकिन अगर आप किसी तरह की बीमारी से ग्रसित हैं तो केवल असगंध पर ही निर्भर रहना आपको भारी पड़ सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके असगंध खाने के लाभ के बारे में।

इम्यूनिटी में असगंध पाउडर के फायदे

अश्वगंधा पाउडर के लाभ इम्यूनिटी बढ़ाने में भी देखे जाते हैं। इसका सेवन हर उस व्यक्ति को करना चाहिए जो अक्सर मोसम के बदलाव के कारण भी बीमार पड़ जाता है। आपको बता दें कि अश्वगंधा में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होता है। इसके कारण शरीर चमत्कारी रूप से अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में असाधारण तरीके से बदलाव कर सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को ना केवल रोगों से बचाने के लिए जरूरी है, बल्कि किसी बीमारी के हो जाने के बाद आप कितनी तेजी से ठीक होंगे, यह बात भी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर ही निर्भर करेगी। पहले अश्वगंधा के इन गुणों की तारीफ केवल आयुर्वेद ही करता था, लेकिन अब इसकी पैरवी विज्ञान भी करता दिखाई देता है। इसलिए अगर आप भी अक्सर बीमार रहते हैं तो आप अश्वगंधा का सेवन शुरू कर दें। +

तनाव में अश्वगंधा पाउडर के फायदे

आज कल के समय में तनाव होना बेहद आम बात हो गई हैं। लेकिन तनाव के कारण अक्सर कई भयंकर बीमारियां शरीर में जगह बना लेती हैं। ऐसे में तनाव को कम करने के लिए विशेषज्ञ अश्वगंधा पाउडर लेने की सलाह देते हैं। हाल ही में कई शोध हुए हैं जिनमें यह साबित हो चुका है कि अश्वगंधा में एंटी स्ट्रेस गुण मौजूद होते हैं जो व्यक्ति को तनाव से दूर रखने का काम करता है। अगर आपका कोई मित्र या रिश्तेदार आपके सामने तनाव को ठीक करने की बात पूछें तो आप उन्हे अश्वगंधा के बारे में जरूर बताएं। या फिर आप इस लेख को भी अपने लोगों तक पंहुचा सकते हैं।

कैंसर से बचने के लिए अश्वगंधा के लाभ

कैंसर एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है जिसके इलाज का खर्च भी बहुत अधिक हैं। यानी अगर किसी आम आदमी को यह समस्या हो जाए तो उसे ठीक करना लगभग नामुमकिन हैं। क्योंकि इसका खर्च भी बहुत ही महंगा है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति अश्वगंधा पाउडर का नियमित रूप से सेवन करें तो वह कैंसर से हमेशा बचा रहेगा। आपको बता दे कि हाल ही में एनसीबी ने अपने एक लेख में बताया था कि अश्वगंधा में एंटी -ट्यूमर गुण होते हैं। यह गुण शरीर में ट्यूमर को पनपने से रोकते हैं। यानी अगर आप अपने आपको कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से बचाए रखना चाहते हैं तो इसमें असगंध आपकी मदद कर सकता है।

नोट – अश्वगंधा कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता यह केवल आपको कैंसर से बचा कर रखता है। अगर आपको या आपके किसी परिजन को यह बीमारी है तो इसके लिए इलाज करना ही जरूरी है।

डायबिटीज में अश्वगंधा खाने के फायदे

डायबिटीज या मधुमेह ऐसी बीमारी हैं जिससे यह हो जाएं उसे अलग अलग कई बीमारियां अपने आप घेर लेती हैं। आज भारत में ही नहीं दुनियाभर में डायबिटीज के करोड़ों मरीज मौजूद हैं. लेकिन यह लोग शायद यह नहीं जानते कि अश्वगंधा के उपयोग से यह डायबिटीज से छुटकारा पा सकते हैं। साल 2009 में हुए एक रिसर्च के मुताबिक असगंध की जड़ो और पत्तियों में हाइपोग्लाइमिक  गुण होता है जो ग्लूकोज की मात्रा को कम करने में मदद करता है। इस रिसर्च में ऐसे डायबिटीज से जूझ रहे चूंहों को इसके डोज दिए गए थे। इन डोजेज के बाद उनकी हालत में काफी हद तक सुधार देखा गया था। अब शायद आप समझ गए होंगे कि आखिर क्यों अश्वगंधा को डायबिटीज में कारगर बताया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल की समस्या में अश्वगंधा चूर्ण के लाभ

उम्र के साथ और बेकार खानपान की वजह से अक्सर लोगों को कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ जाता है। वहीं कभी कभी यह इतना अधिक हो जाता है जिससे हार्ट अटैक आने के चांस भी बढ़ने लगते हैं। लेकिन अश्वगंधा के सेवन से कोलेस्ट्रॉल की समस्या को कम किया जा सकता है। आपको बता दे कि असगंध के जरिए ना केवल टोटल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम किया जा सकता है, ब्लकि गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाया भी जा सकता है।  इसके अलावा एक रिसर्च में तो यह भी कहा गया है कि अगर एक महीने तक असगंध का सेवन किया जाए तो यह लिपिड लोविंग प्रभाव भी दिखा सकता है।

नींद ना आने पर अश्वगंधा पाउडर खाने के फायदे

आज कल के समय में लोग अपने जीवन की परेशानियों को लेकर इतना चिंता में रहते हैं कि उन्हे नींद तक नहीं आती। जिसका असर उनकी जिंदगी पर भी पड़ता है। लेकिन अगर ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसे रात को नींद ना आती हो वह अश्वगंधा ले सकता है। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि जापान के डॉक्टर खुद इस बात पर मौहर लगा चुके हैं। डॉक्टरों को मुताबिक असगंध के पत्तों में डाएथलीन ग्लाइकोल नामक यौगिक होता है जो गहरी नींद में सोने में मदद कर सकता है। इस लिहाज से यह कहना गलत नहीं होगा कि जिन लोगों को नींद नहीं आती वह अच्छी नींद के लिए अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं।

यौन क्षमता बेहतर बनाने के लिए अश्वगंधा पाउडर के फायदे

आज कल की प्रतिस्पर्धा भरे जीवन का असर आदमी की यौन क्षमता पर भी बहुत होता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह समस्या आज ही पनपी हो, या इसका कोई समाधान ना हो। सदियों से पुरुष यौन शक्ति को बेहतर करने के लिए अश्वगंधा का सेवन करते आ रहे हैं। एक रिसर्च में बताया गया है कि अश्वगंधा ना केवल आदमी की यौन शक्ति को बेहतर बनाता है बल्कि स्पर्म काउंट को भी बढ़ाने का काम करता है।

कम उम्र मे बाल सफेद होना

बालों का नेचुरल रंग सभी को पसंद होता है, लेकिन कई बार बहुत सी वजह के चलते यह कम उम्र में ही सफेद होने लगते हैं। जिससे व्यक्ति का आत्मविश्वास भी कम हो जाता है। लेकिन अश्वगंधा इस समस्या से निपटने के लिए काफी है। दरअसल अश्वगंधा के अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व  मेलेनिन के उत्पादन को तेजी से बढ़ा देता है। मेलनिन एक तरह का पिगमेंट होता है जो बालों को साधारण तरह से काला रखने में मदद करता है। 

डैंड्रफ की समस्या में अश्वगंधा के लाभ

सुनने में यह समस्या जितनी आम लगती है उतनी ही गंभीर होती है। डैंड्रफ होने की वजह स्ट्रेस भी हो सकता है या फिर कई तरह की अन्य बीमारियां भी डैंड्रफ को जन्म दे देती हैं। आमतौर पर लोगों को सिर में खुजली और लाल चकते हो जाते हैं जिसकी वजह से भी डैंड्रफ हो जाता है। लेकिन अश्वगंधा के नियमित सेवन से इस समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। यह डैंड्रफ पैदा होने वाली सभी वजह को खत्म करता है जिससे डैंड्रफ खुद ब खुद खत्म हो जाता है।

बालों के लिए फायदेमंद है अश्वगंधा पाउडर

अब तक आपको शायद पता चल गया होगा कि इसके कितने फायदे हैं। लेकिन जनाब यह सूची थोड़ी और लंबी है। इसलिए बने रहें। बालों को मजबूत बनाए रखने और झड़ने से रोकने के लिए लोग बहुत से प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं। लेकिन केवल अश्वगंधा ही उनकी बालों से जुड़ी समस्या खत्म कर देगा वह यह नहीं जानते। जैसे की हमने आपको बताया ही था अश्वगंधा बालों के लिए कारगर है। दरअसल इसके सेवन से मेलेनिन बढ़ाया जा सकता है, जिसकी वजह से बालों का रंग भी बना रहता है और मजबूत भी रहते हैं। 

चोट भरने में असगंध पाउडर के लाभ

अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि इसे सीधा घाव पर चोट पर लगा कर इसे भरा जा सकता है, तो आप कुछ हद तक सही भी हैं। लेकिन यह पूरी तरह चोट को भरने का काम नहीं करता। दरअसल इसमें एंटीमाइक्रोबियल प्रभाव घाव मे पनपने वाले जीवाणुओं को खत्म करके इंफेक्शन को रोक सकता है। घाव की जगह पर इसका पेस्ट या तेल लगाया जा सकता है। 

नोट- चोट के गहरा होने पर डॉक्टर को दिखानी ही पहला विकल्प होना चाहिए। इसलिए चोट या घाव पर इसका सीधा इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें ले।

कोर्टिसोल को कम करने में असगंध का उपयोग

आपने शायद कोर्टिसोल के बारे में पहली बार सुना होगा। इसलिए आपको बता दें कि यह होता क्या है। कोर्टिसोल एक प्रकार का हार्मोन होता है जिसे स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है। इसके बढ़ जाने की वजह से शरीर में हार्मोन अस्थिर हो जाते हैं। जिससे शारीरिक बदलाव होने लगता है। इससे कभी मोटापा अधिक बढ़ जाता है तो कभी कुछ अन्य प्रकार की अन्य बीमारियां पनपने लगती हें। ऐसे में अश्वगंधा का उपयोग कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है। इसे कम करने के लिए आपको 3 से 6 ग्राम तक अश्वगंधा सप्लीमेंट लेना होता है। लेकिन  इसके स्तर को कम करने के लिए सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

चिंता और थकावट के लिए अश्वगंधा पाउडर के लाभ

अश्वगंधा पाउडर चिंता और अवसाद को कम करने के लिए भी कारगर माना जाता है। आपको बता दें कि इसमें बायोएक्टिव कंपाउंड्स में एंक्सियोलिटिक और एंटी डिप्रेसेंट जैसे गुण होते हैं। जो तनाव और अवसाद को कम करने का काम करते हैं। हाल ही में हुई एक रिसर्च में बताया गया है कि अगर लगातार 5 दिन अश्वगंधा का सेवन किया जाए तो इसका असर भी चिंता कम करने वाली दवा जैसा होता है। अश्वगंधा दिमाग के ट्राइबुलिन के स्तर को नियंत्रित कर सकता है जो स्ट्रेस की वजह से बढ़ने लगता है। 

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में अश्वगंधा चूर्ण के फायदे

हमारा मस्तिष्क कई तरह के क्रिया करता है, जिसके लिए उसका स्वस्थ्य होना बेहद जरूरी है। मस्तिष्क ना केवल विचारों को पैदा करता है, बल्कि अनुभव से  अनुमान लगाता है और हमारी इंद्रिया हमें कई तरह से रोजाना की गतिविधियों में मदद करती हैं। ऐसे में मस्तिष्क का स्वस्थ होना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में दिमाग को स्वस्थ रखने में अश्वगंधा कारगर साबित होता है। इसके अलावा इसमें विथनोलाइड्स कंपाउंड तंत्रिका विकास में मदद करता है। 

अश्वगंधा के लाभ एजिंग से बचाने में 

अश्वगंधा के औषधीय गुणों में हमने आपको बताया ही था कि इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। इसके इन्हीं गुणों की वजह से यह स्किन के लिए भी अधिक फायदेमंद हो सकता है। इसके अंदर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़कर बढ़ती उम्र के स्किन पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे झुर्रियां, स्किन का लटकना को कम करती है। इसके अलावा सूरज की पराबैंगनी किरणों के कारण होने वाले कैंसर को रोकने में भी इसका फेस पैक असरदार रहता है। अगर आपके चेहरे पर आपकी उम्र का असर दिख रहा है तो आप इसका इस्तेमाल जरूर करें।

स्किन से संबंधित समस्या में अश्वगंधा चूर्ण के लाभ

स्किन से संबंधित कई तरह की समस्याएं कभी भी पैदा हो सकती हैं। इसमें स्किन पर सूजन आना या इरिटेशन होना शामिल है। वहीं अश्वगंधा के अंदर मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण इन समस्याओं से लड़ने में बेहद कारगर माने जाते हैं। आपको बता दे कि स्किन पर होने वाली समस्या का जिम्मेदार आम बैक्टीरिया स्टैफिलोकोकस ऑरियस है। इसी के कारण चेहरे में सूजन या इरिटेशन होने लगती है। ऐसे में आप असगंध का पेस्ट बनाकर स्किन पर लगा सकते हैं, इससे यह समस्या धीरे धीरे कम होने लगेगी।

थायराइड में लाभदायक हैं अश्वगंधा

थायराइड की समस्या आज के समय में बेहद आम हो गई है। लेकिन जितना इस समस्या के बारे में सुनना आम हो गया है उतनी ही यह खतरनाक भी है। दरअसल हम सभी के गले में तितली की तरह ही दिखने वाली ग्रंथि थायराइड ग्रंथि जरूरी हार्मोन बनाने का कार्य करती है। लेकिन जब यह करने में असमर्थ हो जाती है तो इससे हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं। जिसके कारण या तो वजन बढ़ने लगता है या फिर कम होने लगता है। इसके अलावा कई तरह की अन्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। शोधकर्ताओं ने कुछ समय पहले ही थायराइड की समस्या से पीड़ित कुछ चूंहों को नियमित रूप से अश्वगंधा का सेवन कराया था। जिसके बाद उनमें थायराइड कम होने लगा। लेकिन आपको अगर थायराइड की समस्या हो तो सीधा इसे लेने के बजाय आप पहले डॉक्टर की सलाह लें।

आंखों की समस्या के लिए अश्वगंधा पाउडर खाने के लाभ

आंखों की बीमारियां आज के समय में लोगों को किसी भी उम्र में होने लगी है। जिसकी वजह से कई बार तो लोगों की देखने की क्षमता कम होती है तो कई बार वह पूरी तरह अंधे तक हो जाते हैं। आज के वक्त में लोगों को सबसे ज्यादा जो समस्या परेशान कर रही है वह है मोतियाबिंद। इसी के कारण हजारों लोग हर साल अपनी आंखे खो देते हैं। लेकिन अब इस समस्या को आसानी से खत्म करने का रास्ता वैज्ञानिकों ने खोज लिया है। दरअसल कुछ समय पहले  वैज्ञानिकों ने अश्वगंधा को लेकर रिसर्च की थी। इस रिसर्च में पाया गया कि अश्वगंधा मोतियाबिंद की समस्या में बहुत लाभकारी होता है। अगर आपको मोतियाबिंद की समस्या है तो आप डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन नियमित रूप से कर सकती हैं।

संक्रमण से बचने के लिए अश्वगंधा खाएं

दोस्तो साल 2020 में कोरोना संक्रमण ने तबाही मचाई यह तो हम सभी जानते हैं। लेकिन इसके अलावा भी कई बीमारियां और भी हैं जिनका संक्रमण लोगों को बहुत आसानी से जकड़ लेता है। लेकिन इसके अंदर पाए जाने वाले एंटीबैक्टीरियल गुण फेफड़ों से जुड़े कई तरह के संक्रमण से आपकी रक्षा करता है। अगर आप भी किसी तरह के संक्रमण से बचना चाहते हैं तो नियमित रूप से अश्वगंधा के पत्ते और जड़ों का सेवन करें। इसकी जड़ो और पत्तो के गुण साल्मोनेला और ई, कॉली नामक बैक्टीरिया को भी खत्म कर सकता है। इसलिए इसका सेवन रोजाना करें।

दिल के रोग से अश्वगंधा है लाभदायक

अब तक आपको यह तो समझ आ गया होगा कि अश्वगंधा के लाभ कितने अधिक हैं। लेकिन यह सूची यंहा खत्म नहीं होगी बल्कि यह थोड़ी और लंबी जाएगी। आज के समय में हृदय से जुड़ी बीमारियां लोगों को तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही है। जिसकी वजह से बहुत से लोग जान तक गंवा बैठते हैं। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि अश्वगंधा आपके दिल को भी स्वस्थ बनाए रखता है। इसके अंदर पाए जाने वाले कुछ औषधीय गुण दिल को स्वस्थ रखने का कार्य करते हैं।ऐसे में कहा जा सकता है कि दिल को स्वस्थ बनाए रखे के लिए इसका सेवन करना चाहिए।

वजन कम करने के लिए अश्वगंधा

वजन बढ़ना कितनी बड़ी  समस्या है यह केवल वही लोग जानते हैं जो इस समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि यह स्टेज केवल कुछ ही लोगों की जिंदगी में आती है। बल्कि एक समय के बाद उम्र के साथ वजन बढ़ने लगता है और समय पर इसे ना रोका जाए तो यह कई अन्य समस्याओं एंव बीमारियों को आमंत्रित कर देता है। ऐसे में अश्वगंधा के सेवन से वजन भी कम किया जा सकता है। दरअसल अश्वगंधा के अंदर ऐसे गुण होते हैं जो तनाव को कम करते हैं। वही ज्यादातर लोगों में देखा गया है कि उन्हे वजन बढ़ने की समस्या केवल तनाव की वजह से होती है। इस तरह यह तनाव को भी कत करता है वजन को भी बढ़ने से रोकता है। 

टीबी की बीमारी में अश्वगंधा पाउडर के लाभ

टीबी एक ऐसी समस्या है जिसमें आदमी के फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं। इससे भी खतरनाक बात यह है कि इसका कोई निश्चित इलाज नहीं है। यानी आपको कुछ दवाईयों और अच्छा भोजन ही करना होगा, तभी यह समस्या खत्म होगी। लेकिन अश्वगंधा के अंदर मौजूद गुण इस समस्या से ना केवल लड़ने में सक्षम हैं बल्कि यह टीबी के वायरस को पैदा होने से भी रोकता है।

सीने के दर्द में अश्वगंधा का करें सेवन

आमतौर पर कुछ बुरा खाने या सर्दी के कारण सीने में दर्द की समस्या पैदा हो जाती है। इस समस्या के कारण बहुत से लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। लेकिन यह लोग यह नहीं जानते कि महज अश्वगंधा चूर्ण को पानी में डालकर पीने से इस समस्या से निजात मिल सकती है।

मर्दो के प्राइवेट पार्ट की कमजोरी करता है दूर

यौन संबंध बनाने के लिए जरूरी है कि आपका प्राइवेट पार्ट पूरी तरह मजबूत रहें। लेकिन कई बार अधिक हस्तमैथुन करने से या फिर बेकार खानपान के चलते प्राइवेट पार्ट उतना स्ट्रोंग नही हो पाता। लेकिन अश्वगंधा चूर्ण का उपयोग करके इसे मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए केवल आपको इसका नियमित रूप से सेवन करना होगा

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