यौन-स्वास्थ्य

कॉन्डम फ्लेवर से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब! – How to Use condom in Hindi

तरह-तरह के कॉन्डम फ्लेवर के साथ लिजिए सेक्स लाइफ का मजा

तरह-तरह के कॉन्डम फ्लेवर के साथ लिजिए सेक्स लाइफ का मजा (2)

आधुनिक समय में हर प्रोड्क्ट में आधुनिकता और तकनीक का रंग बस गया है। यही नहीं, जिन चीजों के बारे में पहले कोई आपस में बात नहीं करता था, अब उनको लेकर बाक़ायदा विचार-विमर्श होता है। कुछ ऐसा ही होता है, जब अधिकतर युवा युगल शारीरिक संबंध स्थापित करने से पहले किस रंग और किस कॉन्डम फ्लेवर का इस्तेमाल करें। आपको लगता है कि कॉन्डम फ्लेवर एक बिक्री रणनीति है, लेकिन इसके इस्तेमाल के पीछे एक बड़ा कारण है। कॉन्डम फ्लेवर वास्तव में ओरल सेक्स के दौरान इस्तेमाल किए जाने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं।
 
फ्लेवर्ड कोटिंग लैटेक्स के स्वाद में बदलाव करने में मदद करती है और ओरल सेक्स को अधिक आनंददायक बनाती है। जी हाँ, आजकल बाज़ार में अलग-अलग फ्लेवर जैसे स्ट्रॉबेरी, मैंगो और चॉकलेट फ्लेवर कंडोम और रंग के कंडोम मिल रहे हैं। लेकिन इस बात पर विचार करने का समय है कि फ्लेवर्ड कंडोम कितने सुरक्षित है? ऐसे में आइए समझते हैं कि क्या सचमुच खुशबूदार कंडोम (condom flavour name in hindi) शरीर के लिए सुरक्षित हैं या फिर इसके कोई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं।

 

कॉन्डम फ्लेवर के फायदे – Benefits of Condoms in Hindi

कंडोम को आसानी से किसी भी केमिस्ट शॉप से ख़रीदा जा सकता है और इसका उपयोग भी बहुत आसान है। अगर आपको शॉप से खरीदने में कोई परेशानी है तो आप ऑनलाइन भी आर्डर कर सकते हैं। लगभग सभी फेमस ऑनलाइन साइट्स पर कंडोम उपलब्ध हैं। ये गर्भावस्था और यौन संक्रामक रोग (एसटीडी) दोनों को रोकने में मदद करते हैं और सेक्स करना अधिक आनंददायक भी बना सकते हैं।
 

एसटीडी के विरुद्ध प्रभावी:-

कंडोम जन्म नियंत्रण का मात्र ऐसा उपाय है जो एचआईवी सहित अन्य यौन संक्रमणों के प्रसार को रोकने में भी मदद करता है। यहां तक ​​कि अगर आप गर्भधारण से बचने के लिए पहले से ही एक अलग तरह के गर्भ नियंत्रण का प्रयोग कर रहे हैं, तो भी एसटीडी से खुद को बचाने के लिए हर बार जब आप सेक्स करते हैं तो कंडोम का इस्तेमाल करना एक अच्छा विचार है।
 


कीमत ज्यादा नहीं और सुविधाजनक भी हैं:-

कंडोम विभिन्न दुकानों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और ऑनलाइन साइट्स से प्राप्त करना आसान है। आपको उन्हें खरीदने के लिए किसी डॉक्टर की पर्ची या आईडी की आवश्यकता नहीं है। इनकी कीमत भी बहुत कम (भारत सरकार सामुदायिक केन्द्रो के माध्यम से और अन्य माध्यमों से मुफ्त में भी कंडोम उपलब्ध करवाती हैं।) हैं। कंडोम गर्भावस्था और एसटीडी से सुरक्षा के लिए एक छोटा, बुद्धिमानीपूर्ण और पोर्टेबल तरीका है।
 
 

सुरक्षा के साथ संतुष्टि भी देता है:-

कंडोम कई अलग-अलग शैलियों, आकृतियों और बनावटों में आते हैं जो दोनों सेक्स साथियों के लिए सनसनी को बढ़ाने का काम करता हैं। आपकी साथी द्वारा आपके लिंग पर कंडोम लगाना सेक्स पूर्व क्रिया का एक सेक्सी और आनंददायक हिस्सा हो सकता है। खासकर अगर आप कुछ चिकनाई (लुब्रिकेंट) इस्तेमाल करते हैं। कंडोम स्खलन (कमिंग) में भी देरी कर सकते हैं, इसलिए आप लंबे समय तक सेक्स कर सकते है।
 
आप ओरल, गुदा और योनि सेक्स के लिए कंडोम का उपयोग कर सकते हैं, ताकि वे एसटीडी से आपकी रक्षा करें। यह वास्तव में सबसे सेक्सिएस्ट भाग है क्योंकि कंडोम आपको गर्भावस्था या एसटीडी के बारे में चिंता किए बिना संतुष्टि और अपने साथी पर ध्यान केंद्रित करने देता है।
 

कंडोम जन्म नियंत्रण के अन्य तरीकों से बेहतर:-

अपने जन्म नियंत्रण कोर्स में कंडोम आपको गर्भावस्था से अतिरिक्त सुरक्षा दे सकता है। कोई भी तरीका 100% प्रभावी नहीं है, इसलिए कंडोम को बैकअप के रूप में जोड़ने से आपको गर्भावस्था को रोकने में मदद मिलती है। यदि आप अपनी दूसरी विधि के साथ गलती करते हैं या वह विफल रहती है, तो भी आप सुरक्षित रहेंगे।
 
कंडोम लगभग सभी अन्य जन्म नियंत्रण विधियों जैसे कि गोली, शॉट, रिंग, आईयूडी और प्रत्यारोपण के साथ अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, एक समय में एक से अधिक कंडोम पहनने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा एक साथ महिला कंडोम और पुरुष कंडोम दोनों का उपयोग न करें। केवल एक साथी को ही कंडोम पहनना चाहिए।
 

कंडोम का कोई दुष्प्रभाव नहीं है:-

अधिकांश लोग कंडोम का उपयोग बिना किसी समस्या के कर सकते हैं। इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है। हालाँकि लेटेक्स (रबड़) कंडोम कभी-कभी लेटेक्स एलर्जी या संवेदनशीलता वाले लोगों में जलन पैदा कर सकता है और कभी-कभी कुछ प्रकार के कंडोम पर लगी चिकनाई से भी परेशानी हो सकती है।
 
यदि आपको लेटेक्स से एलर्जी हो, तो ब्रांड बदलने या प्लास्टिक कंडोम का उपयोग करने का प्रयास करें। पुरुष कंडोम और महिला कंडोम, जो नरम प्लास्टिक से बने होते हैं जैसे पॉलीयोरेथेन, नाइट्रील या पॉलीसोप्रेन लेटेक्स-फ्री हैं। आप उन अधिकांश स्थानों से गैर-लेटेक्स कंडोम प्राप्त कर सकते हैं जहां कंडोम बेचा जाता है।
 
नोट:- यदि आप हर बार यौन संबंध बनाते समय कंडोम का उपयोग सही तरह से करते हैं, तो वे गर्भावस्था को रोकने में 98% प्रभावी होते हैं। लेकिन लोगों से अक्सर गलती हो जाती हैं, इसलिए वास्तविक जीवन में कंडोम लगभग 82% प्रभावी है। इसका मतलब है कि कंडोम का इस्तेमाल करने वाले 100 लोगों में से 18 लोग गर्भवती हो सकते हैं।

 

कॉन्डम फ्लेवर का नुकसान// side effects of condom

ओरल संभोग के लिए डिज़ाइन किए गए फ्लेवर्ड कंडोम को गुदा संभोग (anal sex) या योनि संभोग के दौरान इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खुशबूदार कंडोम का प्रयोग योनि सेक्स के लिए न करें क्योंकि कंडोम को खुशबू और स्वाद देने के लिए उसमें चीनी की परत या कोटिंग की जाती है। यह चीनी युक्त कंडोम, जब योनि में प्रवेश करता है, तब इससे योनि का प्राकृतिक पीएच बैलेंस प्रभावित होता है। इससे योनि में यीस्ट इन्फेक्शन हो सकता है।
 
मुख्य रूप से अलग-अलग खुशबू और स्वाद वाले कंडोम ओरल सेक्स (Oral Sex) को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। इसीलिए इन्हें जब जननांगों में प्रयोग किया जाता है, तब नुकसान अधिक होता है।
 

 

कॉन्डम फ्लेवर के प्रकार 

स्पाइसी कॉन्डम फ्लेवर (Spicy condom flavor)

मार्केट में मौजूद कई तरह के फ्लेवर्स में से एक है स्पाइसी कॉन्डम। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसमें जिंजर, आचारी, बैंगन जैसे ढेरों स्पाइसी फ्लेवर मिलेंगे, जिससे आपकी सेक्स लाइफ में भी स्पाइस आएगा। बोरिंग हो चली सेक्स लाइफ (sex life) में तड़का लगाने के लिए स्पाइसी कॉन्डम फ्लेवर जरूर ट्राय करें।
 

फ्रूटी कॉन्डम फ्लेवर  (Fruity condom flavor)

फ्रूटी फ्लेवर्ड कॉन्डम में अच्छी खुशबू होने के साथ ही ये अच्छे से लुब्रिकेटेड भी होते हैं। शारीरिक संबंधों के दौरान प्रोटेक्शन के लिए इस्तेमाल किए इन कॉन्डम से सेक्स का अनुभव एक अलग ही सीमा पर पहुंचता है। इस प्रकार के कॉन्डम एक्स्ट्रा डॉट्स (extra dotted condom) और बिना डॉट्स के साथ आते हैं जो लव मेकिंग के तरीके को एक बेहतरीन रूप देते हैं। फ्लेवर्ड कॉन्डम (flavored condom) के रंग भी उन्हीं के फ्लेवर के अनुसार आते हैं। जैसे स्ट्रॉबेरी फ्लेवर्ड कॉन्डम (strawberry flavored condom) का कलर लाल जबकि बनाना फ्लेवर कॉन्डम पीला होता है। फ्रूटी कॉन्डम फ्लेवर में ब्लैक ग्रेप्स, एप्पल, स्ट्रॉबेरी, चेरी, ऑरेंज, पाइनएप्पल जैसे कई फ्लेवर्स आते हैं।


फ्लावरी कॉन्डम फ्लेवर (फूलों की महक वाला)  (Flowery condom flavor)

फूलों की खुशबु किसको खुशी नहीं देती है। ऐसे में अगर कॉन्डम फ्लेवर भी फूलों वाला हो तो यकीनन सोने पे सुहागा कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा। फ्लावरी कॉन्डम फ्लेवर सेक्स के माहौल को खुशबूदार बनाता है। सेक्शुअल इंटरकोर्स (sexual intercourse) के दौरान कॉन्डम का उपयोग अनचाही प्रेग्नेंसी से बचाने के साथ ही आपके अंतरंग पलों को भी स्पेशल बनाता है। फ्लावरी कॉन्डम के अंतर्गत जैस्मिन, रोज, लिली जैसे कई फूलों की फ्रेगनेंस मार्केट में उपलब्ध हैं।

स्वीट कॉन्डम फ्लेवर (Sweet condom flavor)

आपके खास पलों को और भी खास और यादगार बनाने के लिए सेक्शुअल हेल्थ इंडस्ट्री मार्केट में अनेकों तरह के कॉन्डम मार्केट में लेकर आई है उन्हीं में से एक है स्वीट कॉन्डम। पार्टनर के साथ लव और पैशन की दुनिया में खो जाना चाहते हैं, तो ऐसे में स्वीट कॉन्डम एक बेहतरीन विकल्प है। स्वीट कॉन्डम की खुशबू आपके पार्टनर के मूड को अच्छा रखने के साथ ही बेहतर सेंसेशन भी देता है। चॉकलेट, वनीला, बटरस्कॉच, बबलगम, पान आदि स्वीट फ्लेवर्ड कॉन्डम आपको ऑनलाइन भी मिल सकते हैं। 

 

condom के प्रकार

फ्लेवर्ड कॉन्डम के अलावा भी कदम के कुछ अन्य प्रकार होते हैं जिन्हें आप जरुरत के हिसाब से खरीद सकते हैं। जैसे-
 

अल्ट्रा थिन कॉन्डम (Ultra thin condom)

आम तौर पर पुरुषों का मानना रहता है कि कॉन्डम के इस्तेमाल से सेक्स का आनंद कम हो जाता है। ऐसे में, अल्ट्रा थिन कॉन्डम ठीक रहता है। ज्यादा चिकनाई और पतला होने की वजह से सेक्शुअल एक्टिविटी का एहसास सही से होता है।
 

एक्स्ट्रा लुब्रिकेटेड कॉन्डम (extra lubricated condom)

अगर वजाइना में ड्रायनेस की वजह से सेक्शुअल इंटरकोर्स (sexual intercourse) के दौरान महिला साथी को दर्द का सामना करना पड़ता है तो ऐसे में सेक्स को पूरी तरह से एन्जॉय करने के लिए कॉन्डम फ्लेवर का यह प्रकार सही रहता है। इस कॉन्डम में लुब्रिकेट सामान्य मात्रा से ज्यादा होता है इसलिए, यह फ्रिक्शन और दर्द को रोकने में मदद करता है।
 

रिब्ड कॉन्डम (Ribbed condom)

इस तरह के कॉन्डम के इस्तेमाल से महिला की उत्तेजना ज्यादा बढ़ती है। सेक्स के दौरान ये रिब्ड कॉन्डम महिला साथी को ऑर्गेज्म (orgasm) तक ले जाने में भी सहायक होते हैं।
 

डॉटेड कॉन्डम (dotted condom)

डॉटेड कॉन्डम की बाहरी लेयर पर डॉट्स होते हैं। जिससे वजाइनल सेक्स (vaginal sex) का अनुभव और बेहतर होता है। ज्यादातर कॉन्डम चिकनाई से युक्त होते हैं और उन पर डॉट्स होने से यह अधिकतम संतुष्टि की गारंटी देता है।
 
इन कॉन्डम फ्लेवर का इस्तेमाल सेक्स लाइफ को और भी मजेदार बना सकता है। तो देर न करें,और जल्द ही ऊपर बताए गए कॉन्डम फ्लेवर्स को ट्राय करें। सेक्स का भरपूर आनंद लेने के साथ ही खुद को यौन संचारित रोगों से भी दूर रखें। साथ ही बर्थ कंट्रोल भी करें। 

कॉन्डम फ्लेवर का इस्तेमाल करने का तरीका

कॉन्डम के इस्तेमाल को समझाना मुश्किल है और प्रैक्टिस के साथ आप इसमें एक्सपर्ट हो जाते हैं। लेकिन हम आपको ऐसा कहने का मौका नहीं देंगे कि हमने आपको समझाने की कोशिश नहीं की! आप कंडोम तभी पहना सकती हैं जब लड़का थोड़ा उत्तेजित हो चुका हो। वरना इसे पहनाना नामुमकिन है। इसे पहनाने से पहले आपके हाथ एकदम साफ होने चाहिए।
 
मसाज ऑइल या फिर पसीना भी लेटैक्स को कमजोर कर सकता है। इसलिए शुरू करने से पहले अपने हाथों को साबुन से धो कर सुखा लें। फॉयल पेक को सॉर्टेड एज (ये सभी में होती है) वाली तरफ से खोलें। ऐसा करते वक़्त ध्यान रखें कि इसे एज  के साथ साथ ही खोलें, बिना कंडोम को छूए। अगर गलती से आपसे कंडोम खिंच गया (और इस कारण कमजोर हो गया है) या निकालते वक़्त फट गया है, तो फिर दूसरे पैक के साथ वापस से शुरू करें! चेक करें कि आपने उसे सही पकड़ा हो – कंडोम रोल की एज ऊपर की तरफ होनी चाहिए, ताकि आप उसे नीचे रोल करते हुए पेनिस पर पहना सकें। अगर वो रोल नहीं हो रही हो, तो इसका मतलब है कि आपने उसे सही ढंग से नहीं पकड़ा है। 
 
आपको कंडोम को हल्के से सिर्फ उसकी एज से ही पकड़ना है, और कहीं से नहीं। कंडोम को खोलते हुए उसकी टिप को पिंच करना ना भूलें – वो छोटा सा बल्ब जैसा हिस्सा होता है – ताकि उसमें हवा ट्रैप ना हो सके। ये वो हिस्सा होता है जहां ऑर्गाज़्म के बाद सीमेन एकत्र होता है – और अगर वहाँ हवा ट्रैप हो गई तो कंडोम यूज़ के समय गुब्बारे की तरह फट सकता है! इस बात का ख्याल रखें कि अनरोल्ड कंडोम का बेस, पेनिस के बेस पर अच्छे से सेटल होना चाहिए ताकि कंडोम फिसल ना जाये। और बस हो गया आपका काम! (ये वादा है कि आपको इसका तरीका जल्द ही समझ में आ जाएगा! इसे करने का डेमो देखने के लिए आप ये वीडियो देख सकती हैं।
 
 

निष्कर्ष 

वास्तव में फ्लेवर्ड कंडोम को ओरल सेक्स को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। चिकित्सकों का मानना है कि ओरल सेक्स से यौन संबंधी रोग के होने और फैलने की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसलिए जहां तक संभव हो सामान्य कंडोम का ही प्रयोग करें। अगर फ्लेवर्ड कंडोम ले रहे हैं, तो अपने साथी की अनुमति और उसके स्वाद को ध्यान में रखकर ही लें। इसके साथ ही इसके लिए अच्छी और प्रतिष्ठित कंपनी और ब्रांड का ही चयन करें। ध्यान रखे कि सुख और स्वास्थ्य का ख्याल रखकर ही सच्चा आनंद प्राप्त किया जा सकता है।

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