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Bhumi Amla औषधि और इसके फायदे – Health Benefits of Bhumi Amla

भुई आंवला (Bhumi Amla) क्या है?

भुंई आंवला (वानस्पतिक नाम: Phyllanthus niruri) अथवा भुंई आमला अथवा भूआमलकी एरन्ड कुल का लगभग 1.5 फीट से 2 फीट ऊंचा एक वर्षीय पौधा होता है जो बरसात के समय खेतों में खरपतवार के रूप में स्वयंमेव उगता दिखाई देता है। यद्यपि आंवला की तुलना में यह पौधा बहुत छोटा होता है परन्तु आवंला के पौधे जैसे पत्तों तथा पत्तों के पीछे छोटे-छोटे आंवला जैसे फल लगने के कारण संभवतया इसको जमीन का आंवला अथवा ‘भुंई आमला’ कहा जाता है। अधिकांशतः बंजर जमीनों के साथ-साथ खेतों में वर्षा ऋतु में खरपतवार के रूप में उगने वाले पौधे भुंई आमला का उत्पत्ति स्थल अमेरिका माना जाता है।

 

भूमि आंवला के फायदे – Bhumi Amla Or Bhui Amla Ke Fayde In Hindi

1. लिवर डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग भूमि आंवला का प्रयोग अवश्य करें
2. पाचन न होना व एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है भूमि आंवला
3. हाई शुगर लेवल को नियंत्रित करता है भूमि आंवला
4. ब्लीडिंग डिसऑर्डर जैसी समस्याओं को ठीक करने में समर्थ
5. चर्म रोग की हर समस्या से पाएं मुक्ति
6. सर्दी व जुखाम ठीक करने में सहायक है भूमि आंवला

 

सावधानियां और चेतावनी

कितना सुरक्षित है भुई आंवला (Bhumi Amla) का उपयोग?

भूमि आंवला को डायबिटीज के लिए अच्छी दवाई मानी जाती है। हालांकि, कुछ स्टडी में देखा गया है कि इससे खून में शर्करा का लेवल बहुत कम भी हो जाता है। साथ ही ब्लडप्रेशर जैसी समस्या भी हो जाती है। इसलिए इसे सावधानी के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
इस तरह की हर्बल दवाइयां, कोई भी सरकारी संगठन नहीं बनाता है। इसलिए, दवा खरीदते वक्त यह ध्यान रखें कि जिस कंपनी ने यह दवा बनाई है, वह ट्रस्ट वर्दी है या नहीं। दवा खरीदने से पहले उसके लेबल पर लिखी जानकारी जरूर पढ़ लें।
अगर आप भूमि आंवला से बनी कोई दवा लेना चाहते हैं, तो आपको किसी डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए।
 

 

साइड इफेक्ट्स

भुई आंवला (Bhumi Amla) के क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

  • पेशाब करने में दर्द
  • पेशाब में खून
  • जी मिचलाना
  • पेट में दर्द होना, अब तक का सबसे आम साइड इफेक्ट देखा गया है।डोसेज

डोसेज

भुई आंवला (Bhumi Amla) को लेने की सही खुराक क्या है?


वैसे तो किसी भी दवाई का इस्तेमाल, डॉक्टर से बिना पूछे नहीं करना चाहिए। हालांकि, भुई आंवला एक हर्बल है इसलिए इसका इस्तेमाल हर तरह से फायदेमंद होता है। भूमि आंवला से बने जूस, चूरन, कैप्सूल और टैबलेट बाजार में मौजूद हैं।

भुई आंवला जूस: 

इसे 2-4 टेबल स्पून (15 से 20 मिलीलीटर) ले सकते हैं। इसके अलावा एक गिलास पानी के साथ ले सकते हैं। साथ ही, हर दिन नाश्ता करने से पहले लेने से भी फायदा होगा।

भुई आंवला चूरन

 इसे आधा चम्मच (3 से 6 ग्राम) पानी के साथ ले सकते हैं। शहद के साथ मिलाकर लेने से भी फायदा होगा। साथ ही, हर दो दिन में एक बार लंच और डिनर के बाद भी ले सकते हैं।

भुई आंवला कैप्सूल: 

एक या दो कैप्सूल, लंच या डिनर के बाद ले सकते हैं।
भुई आंवला टैबलेट: एक या दो टैबलेट, लंच या डिनर के बाद लेने से फायदा होगा।

 

उपलब्धता

किन रूपों में उपलब्ध है करौंदा (Karonda) ?

भुई आंवला निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
भुई आंवला जूस
भुई आंवला चूरन
भुई आंवला कैप्सूल
भुई आंवला टैबलेट
भुई आंवला टैबलेट: एक या दो टैबलेट, लंच या डिनर के बाद लेने से फायदा होगा।

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