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सौंफ के स्वास्थ्य संबंधित फायदे एवं नुकसान– Health Benefits of Fennel Seed (Sauf)in Hindi

सौंफ एक बेहतरीन माउथफ्रेशर है, जिसे ज्यादातर लोग खाना पसंद करते है। आप होटल में खाना खाने जाते हैं तो खाने के बाद सौंफ परोसी जाती है ताकि आपका मुंह फ्रेश रहे। सौफ की तासीर ठंडी होती है। इसे खाना बेहद फायदेमंद होता है। सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन और पोटैशियम जैसे कई खनिज तत्व पाए जाते है। 
इसके अलावा इसकी सुगंध भी बहुत अच्छी होती हैं जिसे खाकर ताजगी का अहसास होता है। सौफ खाने को हजम करती है साथ ही आपकी याददाश्त भी बढ़ाती है। सौफ का पानी पीने से वजन कंट्रोल में रहता है। सौंफ के बीजों का इस्तेमाल सांस की बदबू को दूर करने के लिए भी किया जाता है। सौंफ महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। 
स्तनपान कराने वाली महिला को सौंफ का सेवन करना चाहिए। बाल झड़ते है तो सौंफ खाना चाहिए। सौंफ त्वचा और हड्डियों दोनों के लिए फायदेमंद है। आइए जानते हैं कि सौंफ सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद है और बीमारियों को दूर करने में भी कैसे मददगार है।

सौंफ से मूल बातें जानिए   (Uses of Fennel Seed In Hindi)

सौंफ का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

सौंफ पाचन संबंधी समस्याओं जैसे पेट में जलन, गैस, पेट का फूलना और बच्चों के पेट में होने वाले दर्द के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल सांस संबंधी समस्याओं, खांसी-सर्दी, पीठ के दर्द और बिस्तर पर पेशाब करने जैसी समस्याओं में भी किया जाता है। सौंफ की तासीर ठंडी होती है। इसमें कैल्शियम, सोडियम, आयरन और पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा इसकी सुगंध के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।
 
कुछ महिलाएं सौंफ का इस्तेमाल स्तनों में दूध के प्रवाह को बढ़ाने, मासिक धर्म को ठीक करने, जन्म देने की प्रक्रिया को आसान करने और सम्भोग क्षमता को बढाने के लिए भी करती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ मामलों में इसके पाउडर का इस्तेमाल सांप काटने के इलाज के रूप में भी किया जाता है।


सौंफ कैसे काम करता है?

यह एक औषधि के रूप में काम करता है। इसके लिए अभी ज्यादा अध्ययन मौजूद नहीं है। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप किसी अच्छे आयुर्वेदिक डॉक्टर से सम्पर्क कर सकते हैं। हालांकि, कुछ अध्ययन में यह स्पष्ट है कि सौंफ कई सारे खतरनाक बैक्टीरिया को मारने का काम करता है, जैसे ऐरोबैक्टर ऐरोजेन्स, बैसिलस सबटिलीस, ई.कोली, प्रोटियास वुल्गार्ली, स्यूडोमोनास ऐरूजिनोसा, स्टैफ्लोकोकस एलबियास और स्टैफ्लोकोकस औरियास आदि। इसके अलावा सौंफ में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं और यह महिलाओं में एस्ट्रोजन हॉर्मोन को भी बढ़ाता है।
 

सौंफ खाने के फायदे– Health Benefits of Fennel Seed (Sauf) Hindi

सौंफ के स्वास्थ्य संबंधित फायदे एवं नुकसान– Health Benefits of Fennel Seed (Sauf)in Hindi


त्वचा का रखे ख्याल

सौंफ में मौजूद एंटी-इंफ्लमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-एलर्जिक गुण त्वचा का ख्याल रखने में मदद करते हैं। सौंफ की भाप लेने से चेहरे की स्किन का टैक्सचर बना रहता है।


मॉर्निंग सिकनेस करे दूर

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को होने वाली मॉर्निंग सिकनेस सौंफ से दूर की जा सकती है। इसके अलावा यह उल्टी और जी-मिचलाने जैसे लक्षणों को भी कंट्रोल करता है। हालांकि, प्रेग्रेंसी के दौरान इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
 
 

डायबिटीज से करे बचाव

किए गए अध्ययनों के अनुसार सौंफ में पाया जाने वाला तेल डायबिटीज के इलाज के लिए काफी कारगर होता है। यह खून में शुगर की मात्र को कम करके उसे नियंत्रित बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही, सौंफ में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण कोलेस्ट्रॉल के लेवल को भी कम करते हैं।
 

कैंसर से बचाव

सौंफ के पौधे में कई ऐसे गुणकारी तत्‍व होते हैं, जो गंभीर और दीर्घकालिक बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसमें कुछ प्रकार के कैंसर भी शामिल हैं। सौंफ में एनेथोल होता है, जिसमें कैंसर से लड़ने वाले गुण पाए गए हैं।
 
एक टेस्‍ट टयूब स्‍टडी में पाया गया कि एनेथोल कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है। वहीं अन्‍य टेस्‍ट टयूब स्‍टडी में पाया गया कि सौंफ का अर्क मनुष्‍य में ब्रेस्‍ट कैंसर की कोशिकाओं को फैलने से रोकता है और कैंसर की कोशिकाओं को नष्‍ट करने में मदद करता है।
 
पशुओं पर किए गए अध्‍ययन में भी सामने आया है कि सौंफ का अर्क ब्रेस्‍ट और लिवर कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है।
 
हालांकि, मनुष्‍य पर कैंसर के इलाज में सौंफ के अर्क के उपयोग से पहले इस संदर्भ में और अध्‍ययन किए जाने की जरूरत है।
 

स्‍तनपान करने वाली महिलाओं के लिए फायदेमंद

सौंफ में गैलेक्‍टोजेनिक गुण होते हैं, जो ब्रेस्‍ट में अधिक दूध बनाने में मदद करते हैं। रिसर्च की मानें तो सौंफ में मौजूद एनेथोल जैसे कि डायनेथोल और फोटोएनेथोल गैलेक्‍टोजेनिक प्रभाव डालते हैं।
सौंफ दूध के स्राव में इजाफा कर सकती है और प्रोलैक्टिन के ब्‍लड लेवल को बढ़ा सकती है। यह हॉर्मोन शरीर को ज्‍यादा ब्रेस्‍ट मिल्‍क बनाने का संकेत देता है।
 
हालांकि, अन्‍य अध्‍ययनों में सौंफ का दूध के स्राव पर कोई प्रभाव नहीं पाया गया है। यहां तक कि जिन महिलाओं ने सौंफ से युक्‍त दूध बढ़ाने वाली चाय का सेवन किया। उनके नवजात शिशु में वजन कम होने और दूध पीने में दिक्‍कत आने जैसी समस्‍याएं देखी गई हैं। इस वजह से स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं को दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए सौंफ के सेवन से पहले डॉक्‍टर से बात कर लेनी चाहिए।
 

भूख कम होती है

सौंफ न सिर्फ खाने का स्‍वाद बढ़ाती है बल्कि भूख को कम भी करती है। एक स्‍टडी में 9 स्‍वस्‍थ महिलाओं को रोज लंच से पहले 2 ग्राम सौंफ डालकर 250 मिली चाय पीने के लिए दी गई। इससे इन महिलाओं को कम भूख लगी और इन्‍होंने प्‍लेसिबा टी लेने वाली महिलाओं की तुलना में कम कैलोरी ली।
सौंफ के एसेंशियल ऑयल में एनेथोल होता है, जो भूख को बढ़ने से रोकने में मदद कर सकता है।
 
47 महिलाओं की एक अन्‍य स्‍टडी में पाया या है कि जिन महिलाओं ने रोज 12 सप्‍ताह तक 300 मिग्रा सौंफ के अर्क के सप्‍लिमेंट लिए उनका प्‍लेसिबो लेने वाले समूह की महिलाओं की तुलना में वजन कम बढ़ा। वैसे इस संदर्भ में अभी और रिसर्च किए जाने की जरूरत है।


सौंफ के अन्‍य फायदे

सौंफ के बीजों में एंटीबैक्‍टीरियल गुण भी होते हैं, जो हानिकारक बैक्‍टीरिया और यीस्‍ट को बढ़ने से रो‍कता है। सौंफ में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंटस होते हैं, जिसमें विटामिन सी और क्‍यूरसेटिन शामिल हैं। यह सूजन को कम करने में मदद कर सकता है।
 
पशुओं पर किए गए एक अध्‍ययन के अनुसार सौंफ का अर्क याददाश्‍त को कमजोर होने से भी रोकता है। इसके अलावा 10 अध्‍ययनों के एक रिव्‍यू में गौर किया गया कि सौंफ यौन क्रिया में सुधार आता है और मेनोपॉज तक पहुंच चुकी महिलाओं को संतुष्टि महसूस होती है। इसके साथ ही इनमें हॉट फ्लैशेज, योनि में खुजली, योनि में सूखापन, सेक्‍स के दौरान दर्द और नींद आने में परेशानी जैसी दिक्‍कतों से भी राहत मिलती है।
 

हर्निया के इलाज में मददगार

सौंफ का उपयोग हर्निया के उपचार में भी किया जाता है। हालांकि, इस दिशा में अभी भी उचित अध्ययन करने की आवश्यकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।
 

सौंफ का उपयोग कैसे करें (Fennel Uses In Hindi)

सौंफ के फायदे (saunf ke fayde) जानने के बाद सौंफ का उपयोग करना भी आना चाहिए। अगर आपको सौंफ कच्ची खानी पसंद नहीं है तो आप इसको दूसरे तरीके से खा सकते हैं। सौंफ को खाना इसलिए जरुरी होता है क्योंकि सौंफ खाने के फायदे (saunf khane ke fayde) बहुत सारे हैं। फायदो के बारे में जानने के बाद आप इसको खाने के तरीको के बारे में जान लें। निचे सौंफ का पानी बनाने की विधि की जानकारी भी ले सकते हैं।
 
सौंफ का पानी- एक कप सौंफ, 8 ग्लास पानी और थोड़ा सा शहद लें और सबको मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इन सबको पूरी रात भीगने के लिए छोड़ दें ताकि पानी में सौंफ का फ्लेवर अच्छे से आ जाए। अगली सुबह पानी को छान लें और पूरा दिन सौंफ का पानी पीएं।
सौंफ की चाय- ग्रीन टी या ब्लैक टी बनाते समय उसमें थोड़े सौंफ के दाने भी डाल दें और सौंफ के फ्लेवर वाली चाय का स्वाद लें। सौंफ की चाय पीने से आप पेट की परेशीन से दूर रहेंगे।
तड़का लगाने के लिए- सब्जी या किसी और चीज़ में तड़का लगाते समय आप सौंफ का इस्तेमाल कर सकते हैं।
 
सलाद में डालें- सौंफ के दानों को पीसकर उसका पाउडर बना लें। पाउडर बनाने के बाद इसको सलाद के ऊपर छिड़कर सलाद का स्वाद लें। सौंफ के पाउडर को आप कई जगह इस्तेमाल कर सकते हैं।
खाने में तड़का लगाने के लिए सौंफ का उपयोग किया जा सकता है।
 

सौंफ के साइड इफ़ेक्ट (Fennel side effects)

कई तरह के लाभ के साथ कुछ पार्श्व प्रक्रियाएं भी है. इसके कई बड़े नुकसान हैं जिसका वर्णन नीचे किया जा रहा है.
  • स्किन रश : इसके सेवन से कई लोगों में हाइपरसेंसेटिव स्किन की परेशानी हो जाती है. इस वजह से कई लोगों में स्किन रेश की परेशानी दिखाई देती है,
  • तंत्रिका तंत्र : इसके अधिक सेवन से तंत्रिका तंत्र में भी परेशानी आने लगती है. साथ ही सूर्य के प्रकाश में स्किन सेंसिटीविटी बढ़ जाती है.
  • हॉर्मोन सेंसिटिविटी : यदि आपको किसी तरह की हर्मोने सेंसिटिविटी संबधित परेशानी जैसे ब्रैस्ट कैंसर आदि है, तो सौंफ का सेवन बिना किसी डॉक्टर की राय लिए न करें.
  • स्तन वृद्धि : इसके अधिक सेवन से कम उम्र की बच्चियों में भी अनियमित रूप से स्तन की वृद्धि हो जाती है.
  • न्यूरो टॉक्सिक : सौंफ का आवश्यकता से अधिक सेवन करना इसलिए भी सही नहीं है क्योंकि इससे मस्तिष्क सम्बंधित समस्याएँ जैसे हल्लुसिनेशन अथवा सिज़ुर जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  • डायबिटिक समस्याएँ : यदि आप शुगर के मरीज़ हैं, तो सौंफ का इस्तेमाल कम से कम करें क्योंकि कई बार ये शरीर में शुगर स्तर को बाधा देता है.


FAQs

  1. सौंफ खाने के क्या फायदे हैं? (What are the benefits of eating fennel?)

    सौंफ में ऐसे कई सारे पोष्टिक आहार पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। जैसे कि फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, विटामिन सी, विटामिन बी6 आदि। इसके साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी कम होती है।

  2. सौंफ पाउडर क्या होता है? (What is fennel powder?)

    भारतीय किचन में सौंफ पाउडर का इस्तेमाल अचार बनाते समय किया जाता है। इसके अलावा सौंफ पाउडर को चाय और खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

  3. सौंफ का पानी पीने के क्या फायदे हैं? (What are the benefits of drinking fennel water?)

    सौंफ का पानी आमतौर पर पेट की परेशानी दूर रखने के लिए किया जाता है। सौंफ का पानी पीने से पेट अच्छे से साफ हो जाता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो सौंफ का पानी पेट स्वस्थ रखने में मदद करता है।

  4. सौंफ के नुकसान क्या हैं? (What are the benefits of eating fennel?)

    सौंफ का सेवन अधिक मात्रा में करने से कई नुकसान हो सकते हैं जैसे कि सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, मितली, त्वचा पर निशान आदि।

  5. क्या सौंफ त्वचा के लिए अच्छी होती है? (Is fennel good for skin?)

    सौंफ में एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं जो त्वचा को बैक्टीरिया से दूर रखने में मदद करते हैं और साथ ही सूजन कम करने में मददगार हैं।

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