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प्रेगनेंसी

pregnancy 7th month care in hindi// प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में क्या करें?

pregnancy 7th month care in hindi प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में क्या करें
गर्भावस्था के सातवें महीने से ही शुरू हो जाती है तीसरी तिमाही। गर्भावस्था की दूसरी तिमाही जहाँ गर्भावस्था का सबसे सुखद समय होता है वहीं अंतिम के यह महीने न केवल मुश्किल होते हैं बल्कि इस दौरान आपको अपना खास ध्यान रखना पड़ता है। गर्भावस्था के सातवें महीने (7th Month of Pregnancy) में पेट के बढ़ने से आपका चलना-फिरना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। अब आपका शिशु को अपने सामने देखने के सपने को पूरा होने में केवल थोड़ा सा समय बाकी है। स्वास्थ्य सम्बन्धी जटिलताओं की वजह से कई बार प्रसव आखिरी तिमाही में भी कराया जा सकता है इसलिए आप अपनी और अपने शिशु की देखभाल में कोई कसर न छोड़ें। पाईये गर्भावस्था के सातवें माह की पूरी जानकारी विस्तार से।

प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में रखे ध्यान

झुक कर न चलें

आपका बढ़ा हुआ वजन और पेट आपको आगे की ओर खींच रहा है। कई बार इच्‍छा होती होगी कि झुक कर चलें। लेकिन ऐसा न करें। ऐसा करने से आपको और बच्‍चे को समस्‍या हो सकती है।

बायीं करवट लेटें

बायीं करवट लेटने से आपको नींद भी जल्‍दी आ जाएगी आपके पेट में पनप रहे बच्‍चे के लिए भी कोई दिक्‍कत नहीं होगी।

वजन न उठाएं

कोई भी भारी चीज न उठाएं या सरकाएं। ऐसा करना आपकी गर्भावस्‍था के लिए हानिकारक हो सकता है।

नशे से दूर रहें

स्‍मोकिंग न करें और जो लोग स्‍मोकिंग करते हों उनसे भी दूर रहें। इसके अलावा शराब जैसे मादक पदार्थों का सेवन भी न करें। कॉफी या तो बिल्‍कुल न पिएं या कम पिएं।

सीढ़ियां पर सावधानी

गर्भावस्‍था के इस समय में आपको सीढ़‍ियां चढ़ने से बचना चाहिए। पर अगर आपको चढ़ना ही पड़े तो रेलिंग का सहारा लेकर धीरे-धीरे चढ़ें।

एक बार में ढेर सा खाना न खाएं

एक बार में ही अधिक भोजन करने से सीने में जलन, गैस, जी मिचलाने जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। इसलिए कई बार में थोड़ा-थोड़ा भोजन करें।

दवाएं लेने से पहले डॉक्‍टरी सलाह ले लें

कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्‍टर से जरूर पूछ लें। कुछ दवाएं इस समय खतरनाक हो सकती हैं।
 

प्रेगनेंसी के 7 महीने में क्या खाएं?// Seventh Month Pregnancy Diet Chart In Hindi

pregnancy 7th month care in hindi प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में क्या करें


जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया है कि ये बहुत जरूरी होता है कि प्रेग्नेंसी के प्रत्येक महीने में क्या खाएं और क्या नहीं। तो अब आप गौर से पढ़ें क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कि गर्भावस्था के सातवें महीने में आपके डाइट चार्ट में क्या होना जरूरी है।

  • फोलिक एसिड – फोलिक एसिड से पेट में पल रहे शिशु की रीढ़ की हड्डी और दिमाग का विकास अच्छे से होता है। इसके अलावा यह बच्चे के न्यूरल ट्यूब में दिक्कत आने के खतरे को भी कम करता है। इन फायदों से साफ है कि गर्भवती के लिए सातवें महीने में इसका सेवन कितना आवश्यक है। आप फोलिक एसिड के लिए ओटमील, पत्ता गोभी, हरी पत्तेदार सब्जियां व फलों में स्ट्रॉबेरीज व संतरे का सेवन कर सकती हैं।

 

  • कैल्शियम युक्त आहार – प्रेग्नेंसी के किसी भी महीने में कैल्शियम युक्त आहार उपयोगी है, लेकिन सातवें महीने में इसका महत्व और बढ़ जाता है। दरअसल इस अवधि में कैल्शियम बच्चे के शरीर में जाने लगता है। उसके विकास के लिए कैल्शियम जरूरी है। विशेषज्ञों की मानें तो सातवें महीने में गर्भवती को रोजाना 1 हजार एमजी कैल्शियम लेना चाहिए। डेयरी उत्पादों जैसे दूध, दही, योगर्ट के अलावा ओटमील और सालमोन में भी कैल्शियम प्रचूर मात्रा में मौजूद होता है।

 

  • आयरन व प्रोटीन युक्त आहार – गर्भावस्था के सातवें महीने में आपको अपने आहार में आयरन व प्रोटीन युक्त आहार ज्यादा से ज्यादा लेने की जरूरत है। शरीर में इनकी पर्याप्त मात्रा मिलने से प्रसव के दौरान एनीमिया और हेमरेज जैसी समस्या नहीं होती है। इस अवधि में आपको रोजना 27 एमजी आयरन की आवश्यकता होती है। रेड मीट, मुर्गी बीन्स, अंडे, सीड्स, चावल व सेम से आपको प्रचूर मात्रा में आयरन व प्रोटीन मिलेगा।

 


 

प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में क्या नहीं खाना चाहिए ? / Foods to Avoid During Seventh Month Of Pregnancy In Hindi

जैसा की आप जानती हैं कि प्रत्येक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह से संतुलित आहार लेने के साथ ही कुछ अवसरों पर संयम बरतने की भी सलाह दी जाती है। आपने ऊपर ये तो जान लिया कि गर्भावस्था के सातवें महीने में क्या खाना चाहिए अब आप ये भी जान लीजिए की इस समय में आपको किन चीजों से परहेज रखने की आवश्यकता है। 
 
    • कैफीन, एल्कोहल और तंबाकू –  गर्भवती को किसी भी महीने में इन सबसे परहेज करना चाहिए। बात अगर सातवें महीने की करें तो यह परहेज और जरूरी हो जाता है। दरअसल कैफीन युक्त पेय पदार्थों से कब्ज की समस्या होती है। इसके अलावा एल्कोहल व तंबाकू न सिर्फ आपको बल्कि आपके शिशु को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में इन तीनों का ही सेवन आपको नहीं करना चाहिए। 

  • जंक फूड – पीज्जा, बर्गर, मोमोज, बाहर की चाट-पकौड़ियां जंक फूड में आती हैं। प्रेग्नेंसी के सातवें महीने में इनका सेवन आपको व बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है। दरअसल इनमें पोषक तत्व नहीं होता, ऐसे में यह आपके पाचन को भी खराब कर सकतीं हैं।
  • मसालेदार व अधिक फैट वाली चीजों से बचें – इस अवस्था में आपको अधिक तेल व मसालों वाले आहार से परहेज करना चाहिए। दरअसल इस तरह के आहार लेने से आपको सीने में जलन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा आपको रात को हल्का खाना लेना चाहिए।
  • सोडियम युक्त आहार कम खाएं  – गर्भावस्था के सातवें महीने में अक्सर गर्भवती को सूजन की समस्या आने लगती है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए आपको सोडियम की मात्रा कम करनी होगी। सोडियम की मात्रा तभी कम होगी, जब आप ज्यादा नमक वाली चीजें जैसे चिप्स, डिब्बा बंद आहार, सॉस व बाजार का अचार खाना बंद कर देंगी।

 


 

 

जरूरी टेस्ट (NecessaryPregnancy Test in seventh month)

 

गर्भावस्था के अन्य महीनों की तरह सातवें महीने में भी अपनी जाँच कराना अनिवार्य है। बल्कि अंतिम महीनों में आपको सारे टेस्ट करवाने चाहिए क्योंकि इन महीनों में आपको अपना अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ती है। जानिए कौन-कौन से टेस्ट हैं ये:सामान्य टेस्ट (Normal Test)

 

  • सबसे पहले आपके वजन,- गर्भाशय के आकार और ब्लड प्रेशर आदि की जाँच की जाएगी।

 

 

  • ब्लड टेस्ट (Blood Test) –ब्लड टेस्ट के माध्यम से हीमोग्लोबिन जांचा जाता है।

 

 

  • यूरिन टेस्ट (Urine Test) –यूरिन टेस्ट के माध्यम से ब्लड शुगर और संक्रमण का पता चल सकता है। शिशु की धड़कन की जाँच के लिए फीटल हार्ट रेट मॉनिटरिंग भी की जा सकती है। इसके अलावा अगर आपको कोई परेशानी है तो आप डॉक्टर से बातचीत करें और वो आपको इस समस्या का समाधान करने के लिए उचित टेस्ट बता सकते हैं।

 

 

  • ग्लूकोज टोलरेंस टेस्ट (Glucose tolerance test)-सातवें महीने में भी गर्भवती स्त्री को ग्लूकोज खिला कर शुगर की जांच की जाती है। इसके साथ ही HIV और हिपेटाइटिस B की जांच के लिए भी डॉक्टर कह सकते हैं।

 


 

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